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जोबरंग पुल के निर्माण की जगी आस, गोविंद ठाकुर और रवि ठाकुर ने किया निरीक्षण

लाहौल-स्पीति में चंद्रभागा नदी का जलस्तर बढ़ने से जोबरंग, राशेल और रापे गांवों का संपर्क कटने की समस्या को लेकर पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर और पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने जोबरंग पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। नेताओं ने स्थायी पुल निर्माण के साथ अंतरिम व्यवस्था के तौर पर रोप-वे स्थापित करने और सरकार से शीघ्र बजट जारी करने की मांग की।
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न्यूज सर्विस, कुल्लू। लाहौल-स्पीति घाटी के लोगों की लंबे समय से चली आ रही आवागमन की समस्या के समाधान की उम्मीद एक बार फिर जगी है। पूर्व मंत्री एवं मनाली के पूर्व विधायक गोविंद ठाकुर ने भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं लाहौल-स्पीति के पूर्व विधायक रवि ठाकुर के साथ जोबरंग पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चंद्रभागा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण क्षेत्रवासियों को पेश आ रही परेशानियों का जायजा लिया और प्रदेश सरकार से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की।

जलस्तर बढ़ने पर कट जाता है संपर्क

स्थानीय लोगों की समस्या है कि चंद्रभागा नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान जोबरंग पुल के डूब जाने से जोबरंग, राशेल और रापे गांवों का संपर्क अन्य क्षेत्रों से कट जाता है। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ कई जरूरी सेवाओं के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

मेडिकल इमरजेंसी में बढ़ जाती है परेशानी

पुल के डूबने से सबसे गंभीर समस्या मेडिकल इमरजेंसी के दौरान सामने आती है। मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा किसानों को अपनी नकदी फसलों और सेब को समय पर मंडियों तक पहुंचाने में भी परेशानी होती है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ग्रामीणों के सामने राशन और अन्य आवश्यक सामान को गांव तक पहुंचाने की समस्या भी खड़ी हो जाती है।

स्थायी पुल के साथ वैकल्पिक व्यवस्था की मांग

गोविंद ठाकुर और रवि ठाकुर ने मांग की कि चंद्रभागा नदी के संभावित जलस्तर को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त ऊंचाई पर मजबूत और स्थायी पुल का निर्माण किया जाए, ताकि भविष्य में ग्रामीणों का संपर्क बाधित न हो। उन्होंने कहा कि जब तक स्थायी पुल का निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक लोगों और जरूरी सामान की आवाजाही के लिए रोप-वे जैसी वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल स्थापित की जानी चाहिए।

सरकार पर लगाए अनदेखी के आरोप

गोविंद ठाकुर ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से यह समस्या लगातार सामने आ रही है, लेकिन इसके समाधान के लिए सरकार की ओर से पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने सरकार से इस महत्वपूर्ण कार्य को प्राथमिकता देते हुए जल्द बजट का प्रावधान करने की मांग की। जोबरंग पुल के स्थलीय निरीक्षण के बाद स्थानीय ग्रामीणों को उम्मीद जगी है कि समस्या को लेकर अब प्रशासन और सरकार की ओर से जल्द ठोस कार्रवाई की जाएगी।